Mini Nandini Krishak Samridhi Yojana 2026: 10 गायों की डेयरी पर ₹11.80 लाख तक अनुदान, पात्रता और आवेदन

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना संचालित की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य उच्च उत्पादन क्षमता वाली स्वदेशी गायों का संवर्धन, दुग्ध उत्पादन बढ़ाना और पशुपालकों को डेयरी व्यवसाय के माध्यम से स्वरोजगार का अवसर देना है।

योजना के तहत 10 स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायों की डेयरी इकाई स्थापित करने के लिए ₹23.60 लाख की परियोजना लागत का 50% यानी अधिकतम ₹11.80 लाख तक अनुदान दिया जाता है। आधिकारिक योजना पेज के अनुसार यह अनुदान दो चरणों में जारी किया जाता है और भुगतान DBT के माध्यम से लाभार्थी के बैंक खाते में किया जाता है।

2026-27 का महत्वपूर्ण अपडेट: नन्द बाबा दुग्ध मिशन ने 18 जून 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए योजना के जिला-वार लक्ष्य जारी किए हैं। इस वर्ष प्रदेश के सभी 75 जनपदों में कुल 450 मिनी नन्दिनी इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें 225 महिला और 225 पुरुष लाभार्थियों का लक्ष्य है।


Table of Contents

Mini Nandini Krishak Samridhi Yojana 2026 – Quick Information

जानकारीविवरण
योजना का नामMini Nandini Krishak Samridhi Yojana
राज्यउत्तर प्रदेश
मिशननन्द बाबा दुग्ध मिशन
विभागपशुपालन विभाग, उत्तर प्रदेश
योजना का उद्देश्यउच्च उत्पादन क्षमता वाली स्वदेशी गायों का संवर्धन एवं दुग्ध उत्पादन बढ़ाना
डेयरी इकाई10 गाय
मान्य नस्लेंसाहीवाल, गिर और थारपारकर
परियोजना लागत₹23.60 लाख
अनुदान50% तक
अधिकतम अनुदान₹11.80 लाख
अनुदान के चरण2
महिला लाभार्थियों का लक्ष्य50%
2026-27 कुल लक्ष्य450 इकाइयां
2026-27 महिला लक्ष्य225
2026-27 पुरुष लक्ष्य225
आवेदनOnline
चयनआवश्यकता पड़ने पर e-Lottery
अनुदान भुगतानDBT
Official Portalनन्द बाबा दुग्ध मिशन

योजना की ये मुख्य शर्तें और वित्तीय विवरण नन्द बाबा दुग्ध मिशन के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध हैं।


Mini Nandini Krishak Samridhi Yojana क्या है?

मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना उत्तर प्रदेश सरकार की डेयरी एवं पशुपालन से जुड़ी योजना है, जिसे नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है।

इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश में अधिक दूध देने वाली स्वदेशी नस्ल की गायों को बढ़ावा देना और पशुपालकों को आधुनिक डेयरी इकाई स्थापित करने में आर्थिक सहायता देना है।

योजना में एक यूनिट के अंतर्गत 10 गायें रखी जाती हैं। इन गायों में साहीवाल, गिर और थारपारकर नस्ल शामिल हैं।


₹11.80 लाख तक का अनुदान कैसे मिलेगा?

Mini Nandini Krishak Samridhi Yojana में एक 10 गायों की इकाई की निर्धारित लागत ₹23.60 लाख है।

इस लागत का अधिकतम 50% यानी ₹11.80 लाख सरकार द्वारा अनुदान के रूप में दिया जाता है।

बाकी राशि की व्यवस्था योजना के अनुसार लाभार्थी अंश और बैंक ऋण अथवा स्वयं के वित्तीय संसाधनों से की जा सकती है।

परियोजना लागत का ढांचा

  • परियोजना लागत: ₹23.60 लाख
  • सरकारी अनुदान: अधिकतम ₹11.80 लाख
  • लाभार्थी अंश: 15%
  • बैंक ऋण: 35%
  • वैकल्पिक व्यवस्था: बैंक ऋण के स्थान पर लाभार्थी अपने उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का उपयोग कर सकता है।

यदि लाभार्थी बैंक ऋण के स्थान पर स्वयं की राशि से इकाई स्थापित करना चाहता है, तो आधिकारिक योजना के अनुसार उसके बैंक खाते में आवश्यक धनराशि उपलब्ध होना चाहिए और कम से कम 6 महीने के बैंक स्टेटमेंट की सत्यापित प्रति मांगी जा सकती है।

महत्वपूर्ण: ₹11.80 लाख मुफ्त नकद राशि नहीं है। यह निर्धारित परियोजना लागत पर मिलने वाला अनुदान (Subsidy/Grant) है और इसे योजना की निर्धारित शर्तों के अनुसार इकाई स्थापित करने पर चरणबद्ध तरीके से जारी किया जाता है।


अनुदान कितनी किस्तों में मिलेगा?

Mini Nandini Krishak Samridhi Yojana में अनुदान दो चरणों में दिया जाता है।

पहली किस्त – 25%

इकाई की आवश्यक आधारभूत संरचना तैयार होने के बाद परियोजना लागत का 25% अनुदान जारी किया जाता है।

दूसरी किस्त – 25%

10 गायों की खरीद पूरी होने के बाद परियोजना लागत का दूसरा 25% अनुदान जारी किया जाता है।

इस प्रकार कुल अधिकतम 50% अनुदान यानी ₹11.80 लाख तक सहायता मिल सकती है।


कौन-कौन सी गाय खरीदनी होंगी?

योजना के तहत 10 गायों की इकाई में निम्न स्वदेशी नस्लों की गायें शामिल हैं:

  • साहीवाल
  • गिर
  • थारपारकर

आधिकारिक योजना के अनुसार गायों की खरीद यथासंभव प्रदेश के बाहर स्थित ब्रीडिंग ट्रैक्ट से की जानी है।

गाय की उम्र/ब्यांत संबंधी शर्त

खरीदी जाने वाली गाय:

  • प्रथम या द्वितीय ब्यांत की होनी चाहिए।
  • उसका ब्यांत हुए 45 दिन से अधिक नहीं होने चाहिए।

इसके अलावा गोवंश की ईयर टैगिंग और बीमा अनिवार्य है।


Mini Nandini Yojana 2026-27 में कितनी इकाइयों का लक्ष्य है?

यह 2026-27 का सबसे महत्वपूर्ण अपडेट है।

नन्द बाबा दुग्ध मिशन द्वारा 18 जून 2026 को जारी लक्ष्य पत्र के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में कुल 450 मिनी नन्दिनी इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस लक्ष्य में:

श्रेणीलक्ष्य
कुल लाभार्थी/इकाइयां450
महिला225
पुरुष225

अर्थात कुल लक्ष्य में 50% महिलाओं के लिए निर्धारित किया गया है।


2026-27 में किन जिलों में योजना लागू है?

2026-27 के आधिकारिक लक्ष्य दस्तावेज में उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों को शामिल किया गया है। प्रत्येक जिले के लिए 6 इकाइयों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इसमें प्रत्येक जिले के लिए:

  • 3 महिला लाभार्थी
  • 3 पुरुष लाभार्थी

का लक्ष्य है।

इसलिए 2026-27 में योजना का लाभ उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के पात्र पशुपालक ले सकते हैं, बशर्ते वे योजना की निर्धारित पात्रता पूरी करते हों और चयन प्रक्रिया में उनका चयन हो।


Mini Nandini Krishak Samridhi Yojana की पात्रता

आधिकारिक योजना पेज के अनुसार मुख्य पात्रता शर्तें इस प्रकार हैं:

1. पशुपालन का अनुभव

आवेदक के पास गोपालन या महिष पालन का कम से कम 3 वर्ष का अनुभव होना चाहिए।

इस अनुभव का प्रमाण संबंधित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा प्रमाणित किया जाना आवश्यक है।

2. भूमि की आवश्यकता

डेयरी इकाई स्थापित करने के लिए लगभग 0.20 एकड़ यानी 8,712 वर्ग फुट भूमि की आवश्यकता बताई गई है।

3. हरे चारे की व्यवस्था

लाभार्थी को पर्याप्त हरे चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। आधिकारिक योजना में वर्षभर चारे की उपलब्धता के संबंध में आवश्यक घोषणा/शपथपत्र की व्यवस्था बताई गई है।

4. पहले से योजना का लाभ

जो लाभार्थी पहले कामधेनु, मिनी कामधेनु, माइक्रो कामधेनु, नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना या मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना का लाभ ले चुके हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।

5. महिला लाभार्थियों के लिए लक्ष्य

योजना में 50% महिला पशुपालकों/दुग्ध उत्पादकों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित है।


Mini Nandini Krishak Samridhi Yojana में आवेदन कैसे करें?

आधिकारिक पोर्टल के अनुसार आवेदन Online किए जाते हैं।

Online Apply Process

  1. सबसे पहले नन्द बाबा दुग्ध मिशन के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।
  2. योजना से संबंधित Registration/आवेदन विकल्प का उपयोग करें।
  3. आवेदन में मांगी गई व्यक्तिगत, पशुपालन और वित्तीय जानकारी भरें।
  4. आवश्यक दस्तावेज अपलोड/प्रस्तुत करें।
  5. आवेदन को Submit करें।
  6. आवेदन की जांच संबंधित विभाग द्वारा की जाएगी।
  7. यदि आवेदनों की संख्या निर्धारित लक्ष्य से अधिक होती है, तो e-Lottery के माध्यम से चयन किया जा सकता है।
  8. चयन के बाद योजना की शर्तों के अनुसार डेयरी इकाई स्थापित करनी होगी।
  9. निर्धारित चरण पूरे होने पर अनुदान DBT के माध्यम से बैंक खाते में जारी किया जाएगा।

क्या Mini Nandini Krishak Samridhi Yojana में e-Lottery होती है?

हां, आवश्यकता पड़ने पर e-Lottery के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया जाता है।

आधिकारिक योजना पेज के अनुसार यदि प्राप्त आवेदनों की संख्या उपलब्ध लक्ष्य से अधिक होती है, तो मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा e-Lottery से चयन किया जाएगा।

2026 में भी विभिन्न जिलों में इस प्रक्रिया का इस्तेमाल किया गया है। उदाहरण के तौर पर शामली में 2026-27 के लिए 6 लाभार्थियों का चयन e-Lottery से किया गया।


Mini Nandini Krishak Samridhi Yojana में अनुदान कैसे मिलेगा?

अनुदान सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से जारी किया जाता है।

अनुदान की प्रक्रिया:

इकाई की आधारभूत संरचना → पहली किस्त → गायों की खरीद → दूसरी किस्त → DBT

इसलिए केवल आवेदन करने से ₹11.80 लाख तुरंत खाते में नहीं आते। पहले योजना की निर्धारित शर्तों के अनुसार डेयरी इकाई तैयार करनी होती है।


Mini Nandini Yojana के लिए जरूरी दस्तावेज

योजना की आधिकारिक जानकारी में सभी दस्तावेजों की एक विस्तृत सूची इस पेज पर नहीं दी गई है। इसलिए बिना पुष्टि के कोई लंबी सूची अनिवार्य दस्तावेज के रूप में देना उचित नहीं होगा।

हालांकि आवेदन और सत्यापन के दौरान आवेदक को अपनी पहचान, बैंक, भूमि, पशुपालन अनुभव तथा योजना से संबंधित आवश्यक प्रमाण उपलब्ध कराने पड़ सकते हैं।

विशेष रूप से: पशुपालन/गोपालन के 3 वर्ष के अनुभव का प्रमाण संबंधित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से प्रमाणित होना आवश्यक है। स्वयं की राशि से बैंक ऋण के स्थान पर परियोजना स्थापित करने वाले आवेदक से 6 माह का सत्यापित बैंक स्टेटमेंट भी मांगा जाता है।


क्या बैंक से लोन लेना जरूरी है?

हर स्थिति में बैंक लोन लेना जरूरी नहीं है।

आधिकारिक योजना के अनुसार परियोजना लागत में 35% बैंक ऋण का प्रावधान है। लेकिन यदि लाभार्थी बैंक ऋण के स्थान पर अपने उपलब्ध वित्तीय संसाधनों से इकाई स्थापित करना चाहता है, तो उसके बैंक खाते में आवश्यक धनराशि उपलब्ध होनी चाहिए और न्यूनतम 6 महीने का सत्यापित बैंक स्टेटमेंट देना होगा।


Mini Nandini Yojana से महिलाओं को क्या लाभ है?

योजना में 50% लाभार्थियों को महिला पशुपालकों/दुग्ध उत्पादकों से रखने का लक्ष्य है। 2026-27 के लिए 450 कुल इकाइयों में से 225 इकाइयां महिलाओं के लिए निर्धारित हैं।

इससे महिला पशुपालकों को आधुनिक डेयरी इकाई स्थापित करके पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन से आय अर्जित करने का अवसर मिलता है।


Mini Nandini Krishak Samridhi Yojana का उद्देश्य

इस योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं:

  • उच्च उत्पादन क्षमता वाली स्वदेशी गायों का संवर्धन।
  • साहीवाल, गिर और थारपारकर जैसी नस्लों को बढ़ावा देना।
  • दुग्ध उत्पादन में वृद्धि करना।
  • आधुनिक डेयरी इकाइयों को प्रोत्साहित करना।
  • पशुपालकों को स्वरोजगार से जोड़ना।
  • ग्रामीण क्षेत्र में आय के अवसर बढ़ाना।
  • महिला पशुपालकों की भागीदारी बढ़ाना।

नन्द बाबा दुग्ध मिशन का व्यापक उद्देश्य उत्तर प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में अग्रणी बनाए रखना और दुग्ध उत्पादकों को उनके गांव में ही उचित मूल्य पर दूध बेचने की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए दुग्ध सहकारी समितियों को बढ़ावा देना है।


Mini Nandini Yojana 2026 का Latest Update

18 जून 2026: नन्द बाबा दुग्ध मिशन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना का जिला-वार लक्ष्य जारी किया। इसके अनुसार प्रदेश के सभी 75 जनपदों में कुल 450 इकाइयों का लक्ष्य रखा गया है। महिला और पुरुष के लिए क्रमशः 225-225 का लक्ष्य है।

इसके अलावा नन्द बाबा दुग्ध मिशन की आधिकारिक वेबसाइट पर वर्तमान में यह सूचना भी प्रदर्शित है कि मिशन की योजनाओं में आवेदन हेतु पंजीकरण प्रारम्भ है।

2026-27 के लिए योजना की जिला-वार लक्ष्य सूची आधिकारिक PDF में उपलब्ध है। इसलिए आवेदन करने वाले पशुपालकों को अपने जिले का लक्ष्य और पोर्टल पर उपलब्ध वर्तमान आवेदन स्थिति अवश्य जांचनी चाहिए।


क्या 2026 में Mini Nandini Krishak Samridhi Yojana का आवेदन शुरू है?

नन्द बाबा दुग्ध मिशन की आधिकारिक वेबसाइट पर वर्तमान में योजनाओं में आवेदन हेतु पंजीकरण प्रारम्भ होने की सूचना दी गई है।

हालांकि, किसी विशेष जिले में आवेदन की अंतिम तारीख अलग से जारी की जा सकती है। इसलिए केवल पुराने विज्ञापन की तारीख देखकर आवेदन की स्थिति तय नहीं करनी चाहिए।

2025-26 की आवेदन तिथियां 2026-27 पर लागू नहीं मानी जानी चाहिए। 2026-27 के लिए नया जिला-वार लक्ष्य दस्तावेज 18 जून 2026 को जारी हो चुका है।


क्या Mini Nandini Yojana में 10 गाय मुफ्त मिलती हैं?

नहीं।

योजना में सरकार 10 गायों की डेयरी इकाई की निर्धारित परियोजना लागत पर अधिकतम 50% अनुदान देती है। गायों की खरीद लाभार्थी को योजना की निर्धारित वित्तीय व्यवस्था और शर्तों के अनुसार करनी होती है।


क्या ₹11.80 लाख सीधे बैंक खाते में मिलते हैं?

नहीं, पूरी राशि एक साथ नहीं मिलती।

₹11.80 लाख अधिकतम अनुदान है और इसे दो चरणों में जारी किया जाता है:

  • पहली किस्त: परियोजना लागत का 25%
  • दूसरी किस्त: परियोजना लागत का 25%

दोनों मिलाकर अधिकतम 50% यानी ₹11.80 लाख तक अनुदान बनता है।


क्या यह योजना पूरे उत्तर प्रदेश में लागू है?

हां।

आधिकारिक योजना पेज के अनुसार मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में लागू है। 2026-27 के लक्ष्य दस्तावेज में भी सभी 75 जिलों को शामिल किया गया है।


Mini Nandini Krishak Samridhi Yojana FAQs

1. Mini Nandini Krishak Samridhi Yojana किस राज्य की योजना है?

यह उत्तर प्रदेश सरकार की योजना है और नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत संचालित है।

2. योजना में कितनी गायों की डेयरी यूनिट स्थापित करनी होती है?

इस योजना में 10 गायों की इकाई स्थापित की जाती है।

3. Mini Nandini Yojana में कितनी सब्सिडी मिलती है?

₹23.60 लाख की परियोजना लागत पर अधिकतम 50% यानी ₹11.80 लाख तक अनुदान मिलता है।

4. कौन-सी गायें इस योजना में खरीदी जाती हैं?

योजना में साहीवाल, गिर और थारपारकर नस्ल की गायें शामिल हैं।

5. क्या महिला पशुपालकों के लिए भी लाभ है?

हां। योजना में 50% महिला पशुपालकों/दुग्ध उत्पादकों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है। 2026-27 में 225 महिला इकाइयों का लक्ष्य निर्धारित है।

6. क्या पशुपालन का अनुभव जरूरी है?

हां। आवेदक के पास कम से कम 3 वर्ष का गोपालन या महिष पालन अनुभव होना चाहिए और इसका प्रमाण संबंधित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा प्रमाणित होना चाहिए।

7. क्या बैंक लोन लेना जरूरी है?

योजना में 35% बैंक ऋण का प्रावधान है, लेकिन लाभार्थी अपने वित्तीय संसाधनों से भी इस हिस्से की व्यवस्था कर सकता है, जिसके लिए बैंक खाते में पर्याप्त धनराशि और 6 माह का सत्यापित बैंक स्टेटमेंट आवश्यक हो सकता है।

8. योजना का चयन कैसे होता है?

यदि आवेदनों की संख्या उपलब्ध लक्ष्य से अधिक होती है, तो e-Lottery के माध्यम से चयन किया जा सकता है।

9. अनुदान कैसे मिलता है?

अनुदान DBT के माध्यम से लाभार्थी के बैंक खाते में जारी किया जाता है।

10. 2026-27 में कितनी इकाइयों का लक्ष्य है?

वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में 450 इकाइयों का लक्ष्य है—225 महिलाओं और 225 पुरुषों के लिए।


निष्कर्ष

Mini Nandini Krishak Samridhi Yojana 2026 उत्तर प्रदेश के पशुपालकों के लिए आधुनिक डेयरी इकाई स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। योजना में 10 स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायों की इकाई के लिए ₹23.60 लाख की निर्धारित परियोजना लागत पर अधिकतम ₹11.80 लाख यानी 50% तक अनुदान दिया जाता है।

2026-27 में योजना का दायरा भी महत्वपूर्ण है। आधिकारिक लक्ष्य पत्र के अनुसार प्रदेश के सभी 75 जिलों में 450 इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य है, जिसमें 225 महिला और 225 पुरुष लाभार्थी शामिल हैं।

जो पशुपालक आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें सबसे पहले अपनी पात्रता, 3 वर्ष के पशुपालन अनुभव, भूमि और चारे की व्यवस्था तथा वित्तीय आवश्यकता की जांच करनी चाहिए। आवेदन केवल नन्द बाबा दुग्ध मिशन के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध वर्तमान प्रक्रिया के अनुसार ही करें।

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