अगर आप किसान हैं और धान, गेहूं, दलहन, मोटे अनाज या पोषक अनाज जैसी फसलों की खेती करते हैं, तो National Food Security Mission (NFSM) आपके लिए महत्वपूर्ण कृषि कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य कृषि उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के साथ किसानों तक बेहतर बीज, आधुनिक कृषि तकनीक, प्रशिक्षण और विभिन्न कृषि इनपुट की सहायता पहुंचाना है।
महत्वपूर्ण अपडेट: वर्ष 2024-25 से National Food Security Mission (NFSM) का नाम बदलकर National Food Security & Nutrition Mission (NFSNM) कर दिया गया है। इसके तहत दलहन, Nutri-Cereals, चावल, गेहूं और मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
National Food Security Mission क्या है?
National Food Security Mission (NFSM) भारत सरकार की एक Centrally Sponsored Scheme है, जिसे 2007-08 में शुरू किया गया था। शुरुआत में इसका मुख्य फोकस चावल, गेहूं और दलहन के उत्पादन को बढ़ाना था। बाद में इसके दायरे में मोटे अनाज और अन्य फसलों को भी शामिल किया गया।
इस मिशन में केवल फसल का उत्पादन बढ़ाना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने, बेहतर बीजों का उपयोग करने, मिट्टी की उर्वरता सुधारने और खेती की उत्पादकता बढ़ाने में सहायता करना भी शामिल है।
NFSM का नया नाम क्या है?
सरकार के अनुसार, 2024-25 के दौरान NFSM का नाम National Food Security & Nutrition Mission (NFSNM) किया गया। वर्तमान कार्यक्रम के तहत मुख्य रूप से:
- दलहन
- Nutri-Cereals
- चावल
- गेहूं
- मोटे अनाज
के उत्पादन को बढ़ाने पर काम किया जा रहा है।
इसलिए 2026 में इस योजना के बारे में जानकारी खोजते समय NFSM और NFSNM दोनों नाम देखने को मिल सकते हैं।
National Food Security Mission के मुख्य उद्देश्य
NFSM/NFSNM के प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं:
- खाद्यान्न फसलों का उत्पादन बढ़ाना।
- प्रति हेक्टेयर उत्पादकता में सुधार करना।
- किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीक पहुंचाना।
- बेहतर और प्रमाणित बीजों के उपयोग को बढ़ावा देना।
- मिट्टी की उर्वरता एवं कृषि उत्पादकता में सुधार करना।
- Integrated Nutrient Management और Integrated Pest Management को बढ़ावा देना।
- किसानों को खेती से संबंधित प्रशिक्षण और तकनीकी जानकारी देना।
- फसल उत्पादन एवं संरक्षण से जुड़ी तकनीकों को बढ़ावा देना।
किसानों को क्या लाभ मिल सकते हैं?
NFSM/NFSNM के अंतर्गत किसानों को सहायता अलग-अलग कृषि गतिविधियों और राज्य की आवश्यकताओं के अनुसार दी जाती है। सरकार के अनुसार इसमें फसल उत्पादन एवं संरक्षण तकनीक, cropping-system based demonstrations, प्रमाणित बीजों का उत्पादन एवं वितरण, Integrated Nutrient Management, Integrated Pest Management और किसान प्रशिक्षण जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
प्रमुख सहायता
1. प्रमाणित बीज
नई जारी किस्मों और hybrids के प्रमाणित बीजों के उत्पादन एवं वितरण को बढ़ावा दिया जाता है।
2. कृषि तकनीक
किसानों को बेहतर उत्पादन तकनीक और फसल प्रबंधन की जानकारी दी जाती है।
3. Demonstration
खेतों में बेहतर कृषि पद्धतियों का प्रदर्शन कराया जाता है, जिससे किसान नई तकनीक को व्यावहारिक रूप से समझ सकें।
4. पोषक तत्व प्रबंधन
फसल की जरूरत के अनुसार पोषक तत्वों के बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा दिया जाता है।
5. कीट एवं रोग प्रबंधन
फसलों को कीट और रोगों से बचाने के लिए Integrated Pest Management जैसी तकनीकों को बढ़ावा दिया जाता है।
6. किसान प्रशिक्षण
किसानों को खेती के मौसम के दौरान प्रशिक्षण और तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
किन फसलों पर फोकस है?
वर्तमान NFSNM के तहत प्रमुख रूप से Pulses, Nutri-Cereals, Rice, Wheat और Coarse Cereals पर ध्यान दिया जा रहा है।
इसमें क्षेत्र और राज्य के अनुसार लागू गतिविधियां अलग हो सकती हैं।
NFSM के लिए पात्रता
NFSM/NFSNM की सहायता राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यम से किसानों तक पहुंचाई जाती है। इसलिए किसी किसान को मिलने वाली सहायता और लागू गतिविधियां उसके राज्य, जिले, फसल तथा संबंधित कार्यक्रम पर निर्भर कर सकती हैं।
इस कारण सभी किसानों के लिए एक समान राशि या एक जैसी सहायता बताना सही नहीं होगा।
NFSM में आवेदन कैसे करें?
NFSM/NFSNM की सहायता का कार्यान्वयन संबंधित State/UT Agriculture Department के माध्यम से किया जाता है।
सामान्य रूप से किसान:
- अपने राज्य के कृषि विभाग की जानकारी देखें।
- अपने जिले के कृषि विभाग/कृषि कार्यालय से संपर्क करें।
- यह पता करें कि उनके जिले में कौन-सी NFSM/NFSNM गतिविधि लागू है।
- संबंधित फसल और सहायता के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा करें।
- विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लाभ प्राप्त करें।
ध्यान दें: आवेदन की प्रक्रिया, पोर्टल, दस्तावेज और सहायता का प्रकार राज्य एवं संबंधित intervention के अनुसार अलग हो सकता है।
NFSM के लिए जरूरी दस्तावेज
दस्तावेजों की सूची राज्य और संबंधित सहायता के अनुसार अलग हो सकती है। सामान्य तौर पर किसान से निम्न जानकारी/दस्तावेज मांगे जा सकते हैं:
- आधार कार्ड
- किसान/आवेदक का पहचान प्रमाण
- बैंक खाते की जानकारी
- भूमि से संबंधित दस्तावेज
- मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट साइज फोटो
- खेती/फसल से संबंधित जानकारी
अंतिम दस्तावेज सूची के लिए अपने राज्य के कृषि विभाग की आधिकारिक सूचना जरूर देखें।
NFSM और सामान्य कृषि योजना में अंतर
NFSM/NFSNM का मुख्य उद्देश्य फसल उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाना तथा खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को मजबूत करना है। इसमें किसानों को विभिन्न कृषि तकनीकों, बेहतर बीज, demonstrations और प्रशिक्षण आदि के माध्यम से सहायता दी जाती है।
यह कोई ऐसी योजना नहीं है जिसमें प्रत्येक किसान को एक निश्चित मासिक नकद राशि दी जाती हो। सहायता संबंधित कृषि intervention और सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार होती है।
NFSM 2026 Latest Update
2024-25 से NFSM को National Food Security & Nutrition Mission (NFSNM) के रूप में लागू किया जा रहा है। सरकार के अनुसार इसका उद्देश्य pulses, nutri-cereals, rice, wheat और coarse cereals का उत्पादन बढ़ाना है। किसानों को राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यम से विभिन्न कृषि उत्पादन एवं संरक्षण तकनीकों, प्रमाणित बीजों, demonstrations, nutrient एवं pest management और प्रशिक्षण जैसी गतिविधियों में सहायता दी जाती है।
राज्य सरकारों को अपनी स्थानीय आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के अनुसार कृषि कार्यक्रमों को लागू करने में भी भूमिका दी गई है।
महत्वपूर्ण लिंक
NFSM Official Website: National Food Security Mission Official Portal
PIB – NFSM/NFSNM Latest Information: भारत सरकार की आधिकारिक जानकारी
निष्कर्ष
National Food Security Mission (NFSM) भारत में खाद्य फसलों के उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाने के लिए शुरू किया गया महत्वपूर्ण कृषि कार्यक्रम है। 2024-25 से इसका नाम National Food Security & Nutrition Mission (NFSNM) कर दिया गया है। किसानों के लिए सहायता में प्रमाणित बीज, आधुनिक उत्पादन तकनीक, crop demonstrations, nutrient एवं pest management तथा प्रशिक्षण जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
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