Paramparagat Krishi Vikas Yojana 2026: किसानों को ₹31,500 प्रति हेक्टेयर तक सहायता, पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया

अगर आप खेती में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम करके जैविक खेती (Organic Farming) करना चाहते हैं, तो Paramparagat Krishi Vikas Yojana (PKVY) आपके लिए महत्वपूर्ण सरकारी योजना है।

परंपरागत कृषि विकास योजना के माध्यम से किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए जैविक inputs, certification, training, marketing, packaging और branding जैसी गतिविधियों में सहायता दी जाती है। यह योजना cluster-based approach के माध्यम से लागू की जाती है और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के जरिए किसानों तक पहुंचाई जाती है।

Table of Contents

Paramparagat Krishi Vikas Yojana क्या है?

Paramparagat Krishi Vikas Yojana (PKVY) भारत सरकार की जैविक खेती को बढ़ावा देने वाली प्रमुख योजनाओं में से एक है। इसे 2015-16 से लागू किया जा रहा है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को ऐसी कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जिनसे मिट्टी की गुणवत्ता और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण हो तथा रासायनिक inputs पर निर्भरता कम की जा सके।

PKVY के अंतर्गत किसानों को production से लेकर processing, certification और marketing तक end-to-end support देने का प्रावधान है।

Paramparagat Krishi Vikas Yojana क्या है?

2026 – मुख्य जानकारी

विवरणजानकारी
योजना का नामParamparagat Krishi Vikas Yojana
Short NamePKVY
शुरुआत2015-16
मुख्य उद्देश्यजैविक खेती को बढ़ावा देना
कार्यान्वयनराज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यम से
सहायता₹31,500 प्रति हेक्टेयर
अवधि3 वर्ष
किसान को DBT₹15,000 प्रति हेक्टेयर
Marketing, Packaging आदि₹4,500 प्रति हेक्टेयर
Certification & Residue Analysis₹3,000 प्रति हेक्टेयर
Training & Capacity Building₹9,000 प्रति हेक्टेयर
प्रमुख तरीकाOrganic Cluster Approach

उपरोक्त वित्तीय सहायता का विवरण केंद्र सरकार की उपलब्ध नवीनतम जानकारी के अनुसार है।

किसानों को ₹31,500 प्रति हेक्टेयर कैसे मिलते हैं?

PKVY के तहत ₹31,500 प्रति हेक्टेयर की सहायता 3 वर्षों के लिए निर्धारित है। पूरी राशि किसान के बैंक खाते में एक साथ cash के रूप में नहीं आती। सहायता अलग-अलग गतिविधियों के लिए निर्धारित है।

सहायता का विवरण

सहायता का क्षेत्रराशि
On-farm / Off-farm Organic Inputs₹15,000/हेक्टेयर
Marketing, Packaging, Branding, Value Addition आदि₹4,500/हेक्टेयर
Certification एवं Residue Analysis₹3,000/हेक्टेयर
Training एवं Capacity Building₹9,000/हेक्टेयर
कुल₹31,500/हेक्टेयर

इनमें से ₹15,000 प्रति हेक्टेयर किसानों को DBT के माध्यम से organic inputs के लिए उपलब्ध कराया जाता है।

PKVY का मुख्य उद्देश्य

परंपरागत कृषि विकास योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं:

  • जैविक खेती को बढ़ावा देना
  • रासायनिक fertilizers और pesticides पर निर्भरता कम करना
  • मिट्टी की उर्वरता और स्वास्थ्य को बेहतर बनाना
  • प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण
  • किसानों को जैविक inputs के लिए सहायता देना
  • Organic produce की certification में सहायता
  • किसानों को marketing और branding से जोड़ना
  • जैविक उत्पादों के लिए बेहतर market linkage विकसित करना
  • किसानों की आय के अवसरों को बढ़ावा देना

सरकार PKVY के माध्यम से production से लेकर certification और marketing तक पूरी organic farming value chain को support करने पर जोर देती है।

PKVY में Organic Cluster क्या होता है?

PKVY का implementation cluster-based approach से किया जाता है।

एक cluster में आसपास की कृषि भूमि और किसानों को समूह के रूप में जैविक खेती की ओर ले जाने का प्रयास किया जाता है।

सरकार की दिसंबर 2025 की जानकारी के अनुसार PKVY के तहत organic farming के लिए 500–1,000 हेक्टेयर के contiguous area वाले farmer groups, जिनमें लगभग 500 किसान शामिल हो सकते हैं, के cluster approach का उपयोग किया जाता है।

इस approach का उद्देश्य किसानों को व्यक्तिगत रूप से अलग-अलग सहायता देने के बजाय एक क्षेत्र में organic farming ecosystem विकसित करना है।

PKVY में किसानों को कौन-कौन से लाभ मिलते हैं?

योजना के अंतर्गत eligible farmers को programme के अनुसार निम्न प्रकार की सहायता मिल सकती है:

1. Organic Inputs के लिए सहायता

किसानों को on-farm और off-farm organic inputs के लिए ₹15,000 प्रति हेक्टेयर DBT सहायता का प्रावधान है।

2. Marketing Support

Organic produce की marketing, packaging, branding और value addition के लिए भी सहायता का प्रावधान है।

3. Certification

Organic farming में certification महत्वपूर्ण है। PKVY के तहत certification और residue analysis के लिए भी financial support का प्रावधान है।

4. Training

किसानों को organic farming practices अपनाने के लिए training और capacity building से जोड़ा जाता है।

5. Market Linkage

योजना का उद्देश्य किसानों को organic produce के बेहतर market linkage और value chain से जोड़ना भी है।

PKVY के तहत कौन किसान पात्र हो सकता है?

PKVY में eligibility और implementation राज्य तथा programme guidelines के अनुसार निर्धारित होती है।

सरकार की उपलब्ध scheme information के अनुसार farmers और institutions को scheme के अंतर्गत apply करने की पात्रता हो सकती है, तथा संबंधित framework में अधिकतम 2 हेक्टेयर landholding limit का उल्लेख है।

हालांकि किसान को अपने राज्य में चल रहे वर्तमान PKVY programme, cluster और implementing agency की eligibility conditions जरूर जांचनी चाहिए।

छोटे और सीमांत किसानों पर विशेष ध्यान

PKVY में organic clusters बनाते समय small और marginal farmers को preference देने पर जोर दिया गया है, ताकि छोटे किसान भी जैविक खेती की value chain से जुड़ सकें।

Paramparagat Krishi Vikas Yojana क्या है? में कौन-कौन से खर्च शामिल हो सकते हैं?

योजना के अलग-अलग components के अनुसार सहायता निम्न क्षेत्रों में इस्तेमाल की जा सकती है:

  • Organic manure
  • Organic inputs
  • On-farm inputs
  • Off-farm inputs
  • Certification
  • Residue analysis
  • Packaging
  • Branding
  • Marketing
  • Value addition
  • Farmer training
  • Capacity building

सटीक eligible activity और expenditure संबंधित programme guidelines तथा राज्य की implementation व्यवस्था के अनुसार निर्धारित होती है।

Organic Certification में PKVY की भूमिका

Organic farming में केवल chemical-free farming करना पर्याप्त नहीं होता; बाजार में organic produce के रूप में बेचने के लिए certification महत्वपूर्ण हो सकती है।

सरकारी जानकारी के अनुसार PKVY के framework में PGS-India जैसे farmer-centric certification system और अन्य certification mechanisms के माध्यम से organic certification को बढ़ावा दिया जाता है।

PGS-India क्या है?

Participatory Guarantee System for India (PGS-India) एक community-based certification system है, जिसमें farmers और producers सामूहिक रूप से निर्धारित organic farming practices की निगरानी और verification में भाग लेते हैं।

यह विशेष रूप से domestic market के लिए organic farmers को certification access देने में उपयोगी framework है।

PKVY और Jaivik Kheti Portal

Organic farming को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने Jaivik Kheti Portal विकसित किया है।

इसका उद्देश्य organic farmers और buyers को digital platform के माध्यम से जोड़ना तथा organic products की direct marketing को बढ़ावा देना है।

Portal पर farmers, local groups, input suppliers और buyers के लिए अलग-अलग सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

Paramparagat Krishi Vikas Yojana क्या है?

में आवेदन कैसे करें?

PKVY में आवेदन प्रक्रिया सामान्य individual online subsidy form जैसी नहीं है। योजना का implementation State/UT Governments और संबंधित implementing agencies के माध्यम से होता है।

किसान सामान्यतः अपने क्षेत्र में संचालित PKVY cluster/implementing agency के माध्यम से scheme में शामिल हो सकते हैं।

संभावित प्रक्रिया

Step 1: अपने जिले के कृषि विभाग से संपर्क करें।

Step 2: पूछें कि आपके क्षेत्र में PKVY का कोई active organic cluster चल रहा है या नहीं।

Step 3: संबंधित cluster/implementing agency से registration और eligibility की जानकारी लें।

Step 4: आवश्यक documents जमा करें।

Step 5: Organic farming cluster और programme activities में शामिल हों।

Step 6: निर्धारित training और certification process पूरा करें।

Step 7: पात्र सहायता DBT/अन्य approved components के अनुसार प्राप्त करें।

महत्वपूर्ण: हर राज्य में application और implementation process एक जैसा नहीं हो सकता। इसलिए अपने राज्य के Agriculture Department की वर्तमान instructions को प्राथमिकता दें।

Paramparagat Krishi Vikas Yojana क्या है? के लिए जरूरी Documents

Documents की exact list राज्य और implementing agency के अनुसार अलग हो सकती है। सामान्य रूप से निम्न documents मांगे जा सकते हैं:

  • Aadhaar Card
  • Mobile Number
  • Bank Account Details
  • भूमि से संबंधित दस्तावेज
  • पहचान प्रमाण
  • Address Proof
  • Passport Size Photograph
  • Farmer Registration Details
  • Landholding Details

आवेदन से पहले संबंधित कृषि विभाग/PKVY implementing agency से current document list जरूर verify करें।

PKVY में कितनी जमीन के लिए सहायता मिलती है?

सरकार की उपलब्ध scheme background information में अधिकतम 2 हेक्टेयर landholding limit का उल्लेख है।

हालांकि actual assistance और coverage संबंधित cluster, state implementation तथा current guidelines के अनुसार निर्धारित हो सकती है।

PKVY और Natural Farming में अंतर

PKVY मुख्य रूप से organic farming को बढ़ावा देने वाली योजना है, जबकि सरकार ने natural farming को बढ़ावा देने के लिए अलग से National Mission on Natural Farming (NMNF) भी लागू किया है।

2026 की सरकारी जानकारी के अनुसार PKVY के तहत organic farming को बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि NMNF chemical-free natural farming, livestock integration और traditional agricultural knowledge पर केंद्रित है।

इसलिए PKVY और NMNF को एक ही योजना नहीं समझना चाहिए।

PKVY के तहत अब तक कितने किसानों को लाभ मिला?

केंद्र सरकार की 4 अगस्त 2026 की नवीनतम उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 30 जून 2026 तक PKVY के तहत 18.93 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कवर किया गया था और 33.63 लाख किसानों को लाभ मिला था।

इसी अवधि तक PKVY के तहत ₹2,811.36 करोड़ का Central Share जारी किया जा चुका था।

यह आंकड़े समय के साथ बढ़ सकते हैं।

Paramparagat Krishi Vikas Yojana क्या है?

की वर्तमान स्थिति 2026

सरकार अभी भी organic farming को बढ़ावा देने के लिए PKVY का उपयोग कर रही है। 2026 की सरकारी जानकारी में PKVY को राज्यों/UTs में organic farming promotion के प्रमुख माध्यम के रूप में बताया गया है।

North Eastern States के लिए organic farming promotion में अलग Mission Organic Value Chain Development for North Eastern Region (MOVCDNER) लागू है।

Paramparagat Krishi Vikas Yojana – FAQs

Paramparagat Krishi Vikas Yojana क्या है?

PKVY भारत सरकार की organic farming promotion scheme है, जिसके तहत किसानों को organic farming की production, certification, training, marketing और अन्य संबंधित activities में सहायता दी जाती है।

PKVY में कितनी सहायता मिलती है?

PKVY में ₹31,500 प्रति हेक्टेयर, 3 वर्षों के लिए सहायता का प्रावधान है। इसमें ₹15,000 प्रति हेक्टेयर organic inputs के लिए किसानों को DBT के माध्यम से दिया जाता है।

क्या ₹31,500 सीधे किसान के खाते में मिलते हैं?

नहीं। ₹31,500 विभिन्न components के लिए निर्धारित सहायता है। इसमें ₹15,000 DBT के माध्यम से organic inputs के लिए तथा बाकी सहायता marketing, certification और training जैसी activities के लिए निर्धारित है।

PKVY में ₹15,000 किसलिए मिलते हैं?

₹15,000 प्रति हेक्टेयर की सहायता on-farm और off-farm organic inputs के लिए किसानों को DBT के माध्यम से दी जाती है।

क्या छोटे किसान PKVY का लाभ ले सकते हैं?

हां। PKVY में small और marginal farmers को organic clusters में शामिल करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

क्या PKVY में Online Apply कर सकते हैं?

PKVY का implementation State/UT Governments और संबंधित agencies के माध्यम से होता है। इसलिए आवेदन प्रक्रिया राज्य और active cluster के अनुसार अलग हो सकती है। किसान को अपने State Agriculture Department/जिला कृषि कार्यालय से वर्तमान प्रक्रिया की जानकारी लेनी चाहिए।

PKVY की Official Website कौन-सी है?

PKVY से संबंधित सरकारी जानकारी के लिए Ministry of Agriculture & Farmers Welfare, myScheme और संबंधित State Agriculture Department के official portals देखें।

क्या PKVY और PM-KISAN एक ही योजना हैं?

नहीं। PM-KISAN किसानों को income support देने वाली अलग योजना है, जबकि PKVY organic farming को बढ़ावा देने वाली योजना है।

👉 सरकारी वेबसाइट पर जानकारी/आवेदन:
Paramparagat Krishi Vikas Yojana – Official Government Portal

निष्कर्ष

Paramparagat Krishi Vikas Yojana (PKVY) 2026 किसानों को जैविक खेती अपनाने में सहायता देने वाली महत्वपूर्ण सरकारी योजना है। इसके तहत ₹31,500 प्रति हेक्टेयर की सहायता 3 वर्षों के लिए निर्धारित है, जिसमें ₹15,000 प्रति हेक्टेयर DBT के माध्यम से organic inputs के लिए किसानों को उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा certification, training, marketing, packaging और branding जैसी गतिविधियों के लिए भी सहायता का प्रावधान है।

अगर आप जैविक खेती करना चाहते हैं, तो अपने जिले के कृषि विभाग या PKVY implementing agency से संपर्क करके यह पता करें कि आपके क्षेत्र में active organic cluster चल रहा है या नहीं।

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