National Bamboo Mission 2026: बांस की खेती पर 50% तक सब्सिडी, पात्रता और ऑनलाइन आवेदन

भारत सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने, बांस की खेती को प्रोत्साहित करने और बांस आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय बांस मिशन (National Bamboo Mission – NBM) संचालित किया जा रहा है। इस मिशन के अंतर्गत बांस की खेती, पौधशाला की स्थापना, बांस के प्रसंस्करण और बांस से उत्पाद बनाने जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहन दिया जाता है।

इस योजना का लाभ पात्र किसानों, उद्यमियों, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs), स्वयं सहायता समूहों और अन्य पात्र संस्थाओं को राज्य सरकार के माध्यम से मिल सकता है। बांस की खेती शुरू करने या इससे जुड़ा व्यवसाय स्थापित करने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह मिशन उपयोगी हो सकता है।

इस लेख में राष्ट्रीय बांस मिशन की पात्रता, सब्सिडी, लाभ, जरूरी दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी गई है।

National Bamboo Mission 2026: संक्षिप्त जानकारी

विवरणजानकारी
योजना का नामराष्ट्रीय बांस मिशन
अंग्रेजी नामNational Bamboo Mission (NBM)
संबंधित मंत्रालयकृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
योजना का प्रकारकेंद्र प्रायोजित योजना
शुरुआत का पुनर्गठित स्वरूप2018-19
मुख्य उद्देश्यबांस की खेती और उद्योग को बढ़ावा देना
लाभार्थीकिसान, उद्यमी, FPO, SHG एवं पात्र संस्थाएं
सहायता का प्रकारनिर्धारित गतिविधियों पर वित्तीय सहायता
कार्यान्वयनराज्य सरकार के नामित विभाग/एजेंसी के माध्यम से

National Bamboo Mission क्या है?

राष्ट्रीय बांस मिशन भारत सरकार की एक योजना है, जिसका उद्देश्य देश में बांस के उत्पादन से लेकर उसके प्रसंस्करण और बाजार तक की पूरी व्यवस्था को मजबूत करना है।

इस मिशन के तहत गैर-वन भूमि पर बांस की खेती को प्रोत्साहित किया जाता है। इसके अलावा बांस की पौधशालाएं स्थापित करने, बांस का उपचार करने, प्रसंस्करण इकाइयां लगाने और बांस से उपयोगी उत्पाद तैयार करने वाली गतिविधियों को भी सहायता दी जाती है।

इस योजना का पुनर्गठित स्वरूप वर्ष 2018-19 में शुरू किया गया था।

National Bamboo Mission के उद्देश्य

National Bamboo Mission के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • किसानों को बांस की खेती के लिए प्रोत्साहित करना।
  • गैर-वन भूमि पर बांस का क्षेत्र बढ़ाना।
  • किसानों की अतिरिक्त आय के अवसर बढ़ाना।
  • अच्छी गुणवत्ता वाले बांस के पौधों की उपलब्धता बढ़ाना।
  • बांस के प्रसंस्करण और भंडारण की सुविधाएं विकसित करना।
  • बांस से फर्नीचर, हस्तशिल्प और अन्य उत्पाद बनाने वाले उद्योगों को बढ़ावा देना।
  • बांस उत्पादों के लिए बाजार और विपणन व्यवस्था मजबूत करना।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और उद्यमिता के अवसर विकसित करना।

National Bamboo Mission में कितनी सब्सिडी मिलती है?

National Bamboo Mission के अंतर्गत अलग-अलग गतिविधियों के लिए अलग सहायता निर्धारित है। बांस की खेती के लिए 2025 के MIDH Operational Guidelines में निजी क्षेत्र के लिए निर्धारित लागत का 50% तक सहायता का प्रावधान दिया गया है।

बांस की खेती पर सहायता

विवरणनिर्धारित प्रावधान
प्रति हेक्टेयर लागत मानक₹1.20 लाख
प्रति पौधा लागत मानक₹300
निजी क्षेत्र के लिए सहायतानिर्धारित लागत का 50%
अधिकतम क्षेत्र10 हेक्टेयर तक
सहायता अवधि2 वर्षों में
उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिएअतिरिक्त 10% सहायता का प्रावधान

निर्धारित लागत मानक के आधार पर सामान्य राज्यों में 50% सहायता की गणना ₹60,000 प्रति हेक्टेयर तक होती है। वास्तविक स्वीकृति संबंधित राज्य की कार्ययोजना, पात्रता, क्षेत्र और विभागीय मंजूरी पर निर्भर करेगी।

महत्वपूर्ण: 10 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में बांस की खेती पर इस प्रावधान के तहत सब्सिडी नहीं दी जाती। यह सहायता सभी किसानों को अपने आप नहीं मिलती; आवेदन और परियोजना को विभाग से स्वीकृति मिलना जरूरी है।

बांस की खेती के अलावा किन कामों पर सहायता मिल सकती है?

National Bamboo Mission के अंतर्गत केवल खेती ही नहीं, बल्कि बांस से जुड़े दूसरे व्यवसायों को भी प्रोत्साहित किया जाता है।

प्रमुख गतिविधियां:

  1. बांस की पौधशाला (Nursery) स्थापित करना।
  2. बांस की खेती और पौधरोपण करना।
  3. बांस का प्राथमिक प्रसंस्करण करना।
  4. बांस का उपचार और सीजनिंग करना।
  5. बांस आधारित उत्पादों का निर्माण करना।
  6. बांस के बाजार और विपणन सुविधाओं को विकसित करना।
  7. कौशल विकास और प्रशिक्षण गतिविधियां चलाना।

नर्सरी, टिश्यू कल्चर यूनिट और अन्य परियोजनाओं के लिए सहायता की दर अलग-अलग होती है। इनकी स्वीकृति निर्धारित लागत मानकों और परियोजना संबंधी शर्तों के अनुसार होती है।

National Bamboo Mission के लाभ

इस मिशन से किसानों और उद्यमियों को निम्नलिखित लाभ मिल सकते हैं:

  • बांस की खेती शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता।
  • बांस की पौधशाला स्थापित करने के अवसर।
  • बांस आधारित उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहन।
  • बांस के प्रसंस्करण और उत्पाद निर्माण को बढ़ावा।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर।
  • किसान समूहों और FPO के माध्यम से बाजार से जुड़ने में सहायता।
  • बांस उत्पादों की गुणवत्ता और विपणन व्यवस्था में सुधार।

National Bamboo Mission के लिए पात्रता

इस योजना के अंतर्गत पात्रता संबंधित गतिविधि और राज्य सरकार की निर्धारित शर्तों के अनुसार तय होती है।

संभावित पात्र लाभार्थियों में शामिल हैं:

  • व्यक्तिगत किसान।
  • किसान उत्पादक संगठन (FPO)।
  • किसान उत्पादक कंपनियां (FPC)।
  • स्वयं सहायता समूह (SHG)।
  • सहकारी संस्थाएं।
  • पात्र उद्यमी और निजी संस्थाएं।
  • सरकारी संस्थाएं।

बांस की खेती के लिए निजी भूमि या अन्य पात्र गैर-वन भूमि पर परियोजना प्रस्ताव की आवश्यकता हो सकती है। पौधरोपण के लिए मान्यता प्राप्त या स्वीकृत नर्सरी से पौध सामग्री लेने की शर्त भी लागू है।

आवश्यक दस्तावेज

आवेदन की गतिविधि और राज्य के नियमों के अनुसार दस्तावेज अलग हो सकते हैं। सामान्य तौर पर ये दस्तावेज मांगे जा सकते हैं:

  • आधार कार्ड।
  • पहचान पत्र।
  • निवास प्रमाण पत्र।
  • बैंक खाते का विवरण।
  • जमीन के स्वामित्व या लीज से संबंधित दस्तावेज।
  • पासपोर्ट साइज फोटो।
  • मोबाइल नंबर।
  • परियोजना रिपोर्ट (जहां आवश्यक हो)।
  • संस्था/FPO/SHG से संबंधित पंजीकरण दस्तावेज (यदि लागू हो)।

अंतिम दस्तावेज सूची संबंधित राज्य के नोडल विभाग से प्राप्त करें।

National Bamboo Mission में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

National Bamboo Mission का कार्यान्वयन राज्य सरकारों के नामित विभागों और राज्य स्तरीय एजेंसियों के माध्यम से किया जाता है। इसलिए आवेदन की प्रक्रिया और ऑनलाइन पोर्टल राज्य के अनुसार अलग हो सकते हैं।

आवेदन के लिए सामान्य प्रक्रिया:

  1. अपने राज्य के कृषि या उद्यानिकी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
  2. National Bamboo Mission या राष्ट्रीय बांस मिशन से संबंधित जानकारी देखें।
  3. अपने राज्य में उपलब्ध गतिविधियों और आवेदन की स्थिति की जांच करें।
  4. निर्धारित आवेदन फॉर्म में अपनी जानकारी भरें।
  5. आवश्यक दस्तावेज और परियोजना विवरण जमा करें।
  6. विभाग द्वारा आवेदन और परियोजना की जांच की जाएगी।
  7. पात्रता और स्वीकृति मिलने पर निर्धारित नियमों के अनुसार सहायता दी जाएगी।

ध्यान दें: आवेदन जमा करने से पहले अपने राज्य में योजना के तहत आवेदन खुला होने और संबंधित गतिविधि उपलब्ध होने की पुष्टि जरूर करें।

National Bamboo Mission की आधिकारिक वेबसाइट और लिंक

योजना से संबंधित जानकारी के लिए नीचे दिए गए सरकारी पोर्टल और दस्तावेज देखें:

National Bamboo Mission से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

1. National Bamboo Mission किसने शुरू किया है?

National Bamboo Mission भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत संचालित किया जाता है।

2. National Bamboo Mission कब शुरू हुआ था?

इसका पुनर्गठित स्वरूप वर्ष 2018-19 में शुरू किया गया था।

3. क्या बांस की खेती पर 50% सब्सिडी मिलती है?

2025 के दिशा-निर्देशों के अनुसार निजी क्षेत्र में पात्र बांस पौधरोपण गतिविधि के लिए निर्धारित लागत का 50% तक सहायता का प्रावधान है। वास्तविक सहायता विभागीय स्वीकृति और नियमों पर निर्भर करती है।

4. एक किसान कितनी जमीन पर बांस की खेती के लिए सहायता ले सकता है?

दिशा-निर्देशों में निजी क्षेत्र के लिए अधिकतम 10 हेक्टेयर तक सहायता का प्रावधान है। 10 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र पर इस पौधरोपण सहायता का प्रावधान लागू नहीं है।

5. क्या बांस की खेती के अलावा व्यवसाय के लिए भी सहायता मिलती है?

हां, मिशन के अंतर्गत नर्सरी, प्रसंस्करण, उपचार, उत्पाद निर्माण और बाजार विकास जैसी गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जाता है। सहायता की शर्तें गतिविधि के अनुसार अलग हैं।

6. National Bamboo Mission में आवेदन कहां करें?

आवेदन अपने राज्य के कृषि या उद्यानिकी विभाग के माध्यम से किया जाता है। राज्य के अनुसार ऑनलाइन पोर्टल और आवेदन प्रक्रिया अलग हो सकती है।

7. क्या पूरे भारत में एक ही ऑनलाइन आवेदन पोर्टल है?

राज्यों के माध्यम से योजना लागू होने के कारण आवेदन की व्यवस्था राज्य के अनुसार अलग हो सकती है। अपने राज्य के आधिकारिक विभागीय पोर्टल पर जानकारी देखें।

निष्कर्ष

National Bamboo Mission किसानों और उद्यमियों के लिए बांस की खेती तथा बांस आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रम है। इसके अंतर्गत बांस पौधरोपण, नर्सरी, प्रसंस्करण और उत्पाद निर्माण जैसी गतिविधियों के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार वित्तीय सहायता दी जाती है।

यदि आप बांस की खेती या इससे संबंधित व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो आवेदन करने से पहले अपने राज्य के कृषि या उद्यानिकी विभाग से पात्रता, सब्सिडी और वर्तमान आवेदन की स्थिति की जानकारी जरूर प्राप्त करें।

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